Monday, November 26, 2018

बुढ़ापे में काजोल के किस शौक से परेशान हैं अजय? पहली बार बताया

करण जौहर के चैट शो कॉफी व‍िद करण 6 में काजोल और अजय देवगन बतौर गेस्ट आने वाले हैं. इस एप‍िसोड के दो वीड‍ियो हाल ही में स्टार वर्ल्ड के ट्व‍िटर हैंडल पर शेयर हुए हैं. इसमें बॉलीवुड की धमाकेदार जोड़ी की मजेदार नोक-झोंक देखने को म‍िल रही है. अजय-काजोल एक-दूसरे के सीक्रेट भी खोलते नजर आ रहे हैं.

वीडियो में अजय पत्नी काजोल का राज खोलते हुए बताते हैं कि उसे फोटोज क्ल‍िक करना पसंद है. इसमें कोई प्रॉब्लम भी नहीं है. लेकिन एक फोटो लेने के बाद उसे ठीक करने के लिए 3 घंटे का टाइम बर्बाद किया जाता है, क्योंकि उस तस्वीर को पोस्ट करना है. ये सुनकर करण जौहर भी हैरान रह जाते हैं. इसके बाद अजय ने बताया, "पहले काजोल ये सब कभी नहीं करती थी, लेकिन अब बुढ़ापे में उसे ये... इतना सुनते ही काजोल भड़क जाती हैं कि सॉरी बुढ़ापा मुझे नहीं आया है, ओके"

शो में करण जौहर ने कई मजेदार सवाल पूछे, इसमें से एक था कि बॉलीवुड में स्टार्स अक्सर क्या झूठ बोलते हैं? इस पर अजय ब‍िना सोचे बोल पड़ते हैं कि सबसे बड़ा झूठ जो आमतौर पर बोला जाता है कि मैं अपनी वाइफ से बहुत प्यार करता हूं. अजय का ये जवाब सुनकर काजोल चौंक जाती हैं. फिर अजय सफाई देते हुए कहते हैं कि अरे... मैं तो दूसरों की बात कर रहा था.

चैट शो में काजोल और अजय की जोड़ी धमाकेदार होने वाली है. इस बात का अंदाजा प्रोमो से लग गया है. देखना ये होगा कि पूरे शो के टेलीकास्ट होने के बाद फैंस का क्या र‍िएक्शन होता है.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि अगर हमारे बस में होता तो अब तक राम मंदिर बन चुका होता. उन्होंने यह बात आजतक के सीधी बात कार्यक्रम में कही.

सीधी बात में विभिन्न मुद्दों पर अमित शाह ने अपनी बेबाक राय रखी. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों पर उन्होंने कहा कि हम हर चुनाव को गंभीरता से लेते हैं. चूंकि ये तीनों राज्य संगठनात्मक स्तर पर बहुत अच्छे राज्य हैं. यहां सबसे पहले भारतीय जनसंघ पला बढ़ा है और भारतीय जनता पार्टी भी बड़ी मजबूती से आगे बढ़ी. राजस्थान में 10 और बाकी दो राज्यों में हमारी 15-15 साल सरकार रही है. हम तीनों राज्यों में गंभीरता से चुनाव लड़ रहे हैं.

उन्होंने कहा, 'हम मध्य प्रदेश में अच्छे बहुमत से जीतेंगे. छत्तीसगढ़ में 50-55 सीटे जीतेंगे. इन तीनों राज्यों में एंटी इनकम्बेंसी पर कहा कि सत्ता विरोधी लहर वहां होती है जहां सरकार की योजनाओं से लाभान्वित होने के बजाय नाराज होने वालों की संख्या ज्यादा होती  हैं. यहां प्रो-एंटी इन्कम्बेंसी है.

उन्होंने आगे कहा कि राम मंदिर का मुद्दा रणनीतिक नहीं है. ये केस नौ सालों से चल रहा है. हमने कभी नहीं कहा कि केस को टालो. हम सभी चाहते हैं केस सेटल हो जाए. कांग्रेस ने हमेशा मामले को टालने को कहा. हमारा बस चलता तो अब तक केस सेटल हो गया होता. अब तक मंदिर बन गया होता. आदेश नहीं तो अध्यादेश, इस सवाल पर अमित शाह ने कहा कि अभी हम जनवरी की राह देखेंगे.

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